बाड़ी माता मंदिर आपका स्वागत करता है

मंदिर समाचार

February 2, 2026 / bari mata mandir bijainagar

गौ (लक्ष्मी) नंदी ( नारायण) विवाह महोत्सव

बाड़ी माताजी तीर्थ धाम पर आयोजित हुआ 11 जोड़ों का सामूहिक विवाह सम्मेलन जिसमें गौ नंदी विवाह महोत्सव धूमधाम से धर्मावलंबियों ने लिया ऐतिहासिक पल का आनंद
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January 25, 2026

बाड़ी माता गौशाला में सांखला परिवार बिजयनगर के द्वारा लोडिंग ई रिक्शा भेंट किया गया

स्वर्गीय टीकम जी सांखला के आशीर्वाद से शुभम- दिशा के शुभ विवाह उपलक्ष में बाड़ी माता गौशाला में उनके सुपुत्र राकेश महेंद्र प्रवेश सांखला परिवार बिजयनगर के द्वारा लोडिंग ई रिक्शा भेंट किया गया
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Cow worship program at Bari Mata Gaushala
December 29, 2025 / bari mata mandir bijainagar

बाड़ी माता गोशाला में गौ पूजन कार्यक्रम

राज्य सरकार के कार्यकाल का 2 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में बाड़ी माता गौशाला में गौ पूजन का कार्यक्रम आयोजित किया गया।
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मीडिया

बाड़ी माता गौ आश्रय स्थल का लोकार्पण

Reviews

MAHENDRA KUMAR GURJAR profile picture
MAHENDRA KUMAR GURJAR
01:55 09 Feb 24
Dr.Sahil Singhal profile picture
Dr.Sahil Singhal
07:52 10 Jan 24
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Sanwar Sharma
03:59 09 Jan 24
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Prem Parashar
00:43 08 Jan 24
जय माता दी
jai badi mata ji
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nageshwar dadhich
17:35 02 Nov 23
Very nice सुकून वाली जगह मातारानी का आशीर्वाद ।।
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Hema
02:39 28 Oct 23
बाड़ी माता का पर्चा चमत्कार अद्भुत है हैं श्रद्धा और विश्वास के साथ में मां को जिसने भी अपनी प्रार्थना भेजी है और आकर के मां के दरबार में अपना शीश मां के चरणों में रखा है ऐसी कोई परेशानी नहीं है जिसका निदान नहीं हो सकता, जय हो बाड़ी माता का ऐसा चमत्कारिक मंदिर जिसकी चमत्कारों की व्याख्या करना यहां असंभव है स्वयं आए दर्शन करें और मां के चमत्कारों से अभिभूत हो ।
जय हो बाड़ी माता की ,🙏भक्त श्री डाक साहब की🙏 बाड़ी माता को कोटि-कोटि प्रणाम स्वीकार हो माँ,🙏🙏
satyendra gupta profile picture
satyendra gupta
14:28 29 Sep 22
Very big temple.JAI mata ki.🙏🙏
murli dhar jangid profile picture
murli dhar jangid
13:38 08 Sep 20
Bahut badi gaushala h yaha aur bahut accha Mandir hai aap jarur visit kare.

All facilities are very good it here

जय बाड़ी माता

माँ प्राकट्य उद्गम परिचय

राजपुताना राजस्थान पृथ्वीराज चौहान की नगरी अजमेर जिले में मेवाड़ की धरती से जुड़ा खारी नदी तट पर बिजयनगर से मात्र 3 किलोमीटर ग्राम बाड़ी में सम्वत् 1514 सन् 1457 (आज से 555 वर्ष पूर्व) में दक्षिण दिशा से माँ भगवती एक भक्त बच्चे के साथ आई और कहा जहाँ मैं रूक जाऊँ वही मेरी स्थापना कर देना ।

बाड़ी माता की महिमा

यह सत्य है कि बाड़ी माता मन्दिर की प्राचीन चिन्मय नवदुर्गा की मूर्ति प्रश्नकर्त्ता को हारी-बीमारी,दुःख-दर्द, दोष-क्लेश, नौकरी-धन्धा, व्यापार-व्यवसाय, आदि शिक्षा-दीक्षा आदी सभी समस्याओं के समाधाना निवारण हेतु फूल पाती का पर्चा ऐसे देती है कि कोई पकड़ कर फेंकता हो ऐसे प्रत्यक्ष अनुभूति और विश्वास होता है कि माँ-प्रभु साक्षात् इस पत्थर की मूर्ति में विराजमान हो ।

क्या है फूल पाती?

माँ के भक्त गण दूर-दूर से आकर अपनी समस्या हेतु झालर, नारेली (एक छोटी थाली एवं नारियल को फोड़ कर बचा हुआ कवर) को माँ के सामने रख देते है। प्रश्नकर्त्ता समस्या का समाधान फूल और पात्ती से मांगते है। आरम्भ में यह फूल-पात्ती का पर्चा रविवार एवं नवरात्रि में ही होता था ।

वार्षिक धार्मिक कार्यक्रम

मकर सक्रांति पर्व

प्रतिवर्ष जनवरी माह में मकर सक्रांति पर्व पर धर्मराजजी का सामूहिक उद्यापन व गौ सेवा महोत्सव का विशाल आयोजन रखा जाता है ।

चैत्र नवरात्रा

चैत्र नवरात्रा में माता की विशेष पूजा अर्चना, रामलीला, रासलीला, विशेष झाँकी सजावट, विशाल ज्योति जुलुस व भव्य मेले का विशेष कार्यक्रम रखा जाता है ।

हनुमान जयंती

हनुमान जयंती पर पूजा अर्चना,अखण्ड रामायण पाठ, सुन्दकाण्ड पाठ, भजन संध्या का विशाल कार्यक्रम रखा जाता है ।

कृष्ण जन्माष्टमी

इस पर्व पर भगवान विष्णु के मन्दिर में विशेष सजावट की जाती है एवं भक्तगणों के साथ भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूम-धाम से मनाया जाता है।

आसोजी नवरात्रा

इस पर्व पर विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ रावण, महिषासुर राक्षसों के विशाल पुतलों का दहन मर्यादा पुरूषोत्तम श्री राम व माँ भगवती द्वारा मनोहर आश्चर्यचकित आतिश बाजी के साथ किया जाता है । मेले में सुन्दर झाँकियाँ भी सजाई जाती है ।

शरद पूर्णिमा

अश्वनी मास की पूर्णिमा के दिन क्षीरपानोत्सव का कार्यक्रम किया जाता है । प्रारम्भ में सन् 2004 से 2 मण दूध की खीर बनाई गई थी और धीरे- धीरे भक्त व श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ती गई और वर्ष 2012 में 50 मण दूध की खीर जड़ी-बूटियों के साथ बनाकर चन्द्रमा की रोशनी से अमृत बरसने के बाद मध्यरात्रि में भगवान भगवती की आरती के पश्चात भोग लगा कर हजारों लागों को निरोगी बनाने वाली अमृतमयी खीर प्रसाद का वितरण किया जाता है ।

देश का सबसे चमत्कारिक मंदिर

अजमेर जिले के बिजयनगर के राजकीय सीनियर सैकण्डरी स्कूल में वाणिज्य के व्याख्याता चुन्नी लाल टाक देवी दुर्गा के उपासक रहे, वे सादगी से जीवन जीते और छात्रों को पढ़ाते थे । बताया जाता है कि बिजयनगर में सालों से मौजूद बाड़ी माता मंदिर के पुजारी को एक दिन सपना आया कि चुन्नी लाल टाक को बुलाओ और उससे कहो कि फूल-पाती के जरिए मुझसे प्रश्न पूछे। टांक मंदिर पहुंचे और माता की मूर्ति से अंग्रेजी में पाती लिखकर प्रश्न पूछा, उनको लगा कि माता क्या अंग्रेजी शब्द में उत्तर दे पाएंगी, उसी रात सपने में माता ने उन्हें जवाब दिया और ये भी कहा अंग्रेजी मैंने ही तुम्हें सिखाई है। इस घटना के बाद 1970 को एक दिन टांक ने खुदको बिजयनगर से चार किलोमीटर दूर बाड़ी माता मंदिर के प्रांगण में पड़ा पाया, जबकि वे वहां गए ही नहीं थे ।

कैसे पढ़ती है माँ प्रशनकर्ता का प्रशन?

पूर्व में झालर नारेली के माध्यम से प्रश्नकर्त्ता को उत्तर मिलता था हाँ और ना अगर उसमें पाती आ जाती तो हाँ और नही आती तो ना। परन्तु माँ के अनन्य भक्त मुख्य सेवक श्री चुन्नीलालजी टाक व उ. जिला शिक्षा अधिकारी एवं पूर्व प्राचार्य ने माँ से अपना सीधा सम्पर्क साधा और अपना प्रशन सादे कागज पर लिख कर माँ के चरणों मे रखकर तुरन्त समस्या का समाधाना माँ से फूल – पात्ती के रूप में प्राप्त किया। माँ के मस्तिष्क पर रखी फूल एवं जाल के पेड़ की पत्तियाँ प्रश्नकर्त्ता के प्रशन पर स्वतः प्रारब्धानुसार आकर गिर जाती है और पुजारी उस पर सिन्दुर से मार्क कर के प्रश्नकर्त्ता को पात्ती ला कर देता है। कभी-कभी माँ प्रश्नकर्त्ता भक्तों से इतनी प्रभावित होती है कि माँ की मालाओं से फूल उछल कर प्रश्नकर्त्ता की गोद या हाथों में आकर गिर जाता है यह कलयुग का आश्चर्य सत्य है।

गौशाला का शुभारंभ

बाड़ी माता मन्दिर पर 20 जनवरी 2001 में किसी अज्ञात क्रूर समाज कंटक द्वारा एक बच्छडी का कुल्हाड़ी से पैर काट दिया पैर लहुलुहान हो गया उस स्थिति में बच्छडी हरा चारा खाने के लिए गुरुदेव श्री के द्वारा गायों को हरा चारा डलवाने का कार्य निरन्तर था, उसी में अचानक गुरुदेव की बड़ी बेटी हे‌मा जी टांक की नजर पड़ी और गुरुदेव से कहा कि मेरे वेतन से यह पाँच सौ रुपये लो किसी किसान को सेवा करने के लिए इस बच्छडी को दे दो ताकि इसकी सेवा हो सके।

गुरुदेव ने कहा कि यह पैसा मुझे दो ताकि लावारिस गौवंशों के चार- पानी व उपचार में स्वयं करूंगा,उस दिन से निरन्तर गौमाता की संख्या बढ़ने लगीं। 2001 में 880 गौवंशों की सेवा हो रही थी, ग्राम पंचायत बाड़ी के चरागाह में अस्थाई बाड़ा बन्दी करके गायों को रखा जाना लगा एवं चारा पानी की समुचित व्यवस्था माँ भगवती की कृपा से होने लगी इस तरह बाड़ी माता गौशाला का शुभारंभ हुआ।

दान का महत्त्व

बाड़ी माता के अद्भूत चमत्कार भक्तों पर अद्भूत कृपा

मेरा विवाह 1 दिसम्बर 1999 को हुआ था उस समय दान-दक्षिणा में इतना महत्त्व नहीं समझता था लेकिन जैसे-जैसे गुरुदेव का सानिध्य व आर्शीवचन रूपी प्रसाद मिलता गया मेरा रुझान भी गौ सेवार्थ बढ़ता गया । गुरुजी मुझे हमेशा यही कहा करते थे,1 रूपये दान करोगे आशीर्वाद रूप में आपको 21 रूपये प्राप्त होगें जिसको मैंने स्वयं अनुभूत ” किया है। आज मैं भी आप सभी से यह विनम्र निवेदन करता हूँ कि सभी को अपनी श्रद्धानुसार मासिक योजना में गौसेवार्थ हिस्सा दान के लिए देना चाहिए जिससे आपको भी मेरी ही तरह उत्तरोत्तर वृद्धि व मानसिक शांति प्राप्त हो।

Yogesh Tak
M.A Bed. [English]
Subhash Nagar, Ajmer

बाड़ी माता गौशाला एवं गौवंश सेवा संस्था बाड़ी माता मन्दिर, बिजयनगर – 305624, जिला-अजमेर (राज.)

रजिस्ट्रेशन नं.
209/अजमेर / 2002-03
PAN No. AAAAB6914F
ICICI Bank, BIJAINAGAR
A/c. No. 681501091130
IFSC Code: – ICIC0006815
संपर्क करे : 9414556613 9314450638 9783130544 9251321707


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बाड़ी माता आश्रम सेवा संस्था बाड़ी माता मन्दिर, बिजयनगर – 305624, जिला-अजमेर (राज.)

संपर्क करे : 9414556613 9314450638 9783130544 9251321707

रजिस्ट्रेशन नं.
113/ अजमेर / 2010-11
PAN No. AABTB7629K
ICICI Bank, BIJAINAGAR
A/c. No. 681501433556
IFSC Code: – ICIC0006815